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फणीश्वर नाथ रेणु के साहित्य में जातीय समीकरण और लैंगिक भेद का यथार्थ

रेणु की रचनाओं में गाँव की पंचायत भी एक प्रतीक है। ‘मेरीगंज’ के विभिन्न जातियों के पंच एक आसन पर बैठते हैं, यह प्रतीकात्मक रूप से सामाजिक एकता का आभास…

झारखंड की सियासत में आदिवासी बनाम कुर्मी : ‘पहचान और अधिकार’ की नई जंग

क्या यह आंदोलन आदिवासी बनाम कुर्मी संघर्ष का रूप लेगा? वर्तमान हालात संकेत दे रहे हैं कि दोनों समुदायों के बीच अविश्वास और तनाव बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर…

मछलियों!  तुम्हें जीना सीखना होगा

बलवान सिंह कुंडू ‘सावी’ मछलियों तुम हर जगह मारी जाओगी तालाब, झील, पोखर, अब्धि में बहते निर्जर, नदी में असीमित विस्तृत खाड़ी, वारिधि में जहाँ तुम इकट्ठी होंगी फेंका जाएगा…

॓ ॓ मेरे हमसफर ॔ ॔

कविता ॓ ॓ मेरे हमसफर ॔ ॔ – नुसरत प्रवीण मेरे जीने का, अंदाज़ हो तुम, बेपनाह मोहब्बत की आगाज़ हो तुम।। जो बीत गई सो, बात गई, मेरे जीवन…

डॉ. शिवनन्दन सिन्हा की तीन कविताएं 

डॉ. शिवनन्दन सिन्हा की तीन कविताएं परिचय आर० एस० मोर कॉलेज में लेक्चरर हिन्दी के रूप में नौकरी प्रारम्भ कर विनोवा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग ( झारखंड ) से विभागाध्यक्ष, हिन्दी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनबाद में हवाई अड्डे के निर्माण का दिया आश्वासन

धप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनबाद में हवाई अड्डे के निर्माण का दिया आश्वासन नबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की…

डॉ. अपर्णा राय: शिक्षा, सेवा और सृजन क्षेत्र के लिए एक समर्पित व्यक्तित्व, जिनकी यादें रहेगी हमेशा जिंदा

स माज के आकाश में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने अस्तित्व से न केवल अपनी राह रोशन करते हैं, बल्कि दूसरों के जीवन को भी आलोकित कर जाते…

संस्मरण : सूखे पेड़ की छांव : मेरे अकेलेपन की यात्रा

साहित्यकार राजीव कुमार झा का बचपन संघर्षों से गुजरा, उनका पिता धनबाद में प्रशासनिक अधिकारी थे, उन दिनों वे सिंदरी में रहकर अपनी शुरुआती पढ़ाई की, पिता के निधन के…

रेखाओं में जीवन, रंगों में समाज: सुभाष शर्मा की कला-यात्रा

सुभाष शर्मा के लिए कला केवल रंगों का खेल नहीं रही, बल्कि जीवन को समझने और महसूस करने का एक गहरा माध्यम बन गई। जिस सूक्ष्मता और संवेदनशीलता से वे…

अवकाश प्राप्त नीला लाल नहीं रही, उनकी कसक भरी यादें हमेशा रहेगी जिन्दा

जिंदगी एक सफर है,और यह दुनिया एक मुसाफिर खाना, जिसमे लोगों का आना जाना लगा रहता है, यही शास्वत सत्य है! फिर भी कुछ लोगों का चला जाना काफी दुखदायी…