• Wed. May 6th, 2026
साहित्य, संस्कृति, कला

Uncategorized

  • Home
  • विष्कन्या का प्रेम : विष से विदेह तक: विनोद आनंद के उपन्यासों में मिथक, संवेदना और नवीन दृष्टि का अनुशीलन

विष्कन्या का प्रेम : विष से विदेह तक: विनोद आनंद के उपन्यासों में मिथक, संवेदना और नवीन दृष्टि का अनुशीलन

विनोद आनंद की साहित्यिक प्रतिभा की सराहना इसलिए भी आवश्यक है क्योंकि उन्होंने पत्रकारिता की वस्तुनिष्ठता और साहित्य की भावुकता का एक दुर्लभ संतुलन साधा है। वे न केवल एक…

पुस्तक समीक्षा – “वो नदी का किनारा” : स्मृतियों, संवेदनाओं और जीवन प्रवाह का काव्यात्मक प्रतिबिंब

पुस्तक : वो नदी का किनारा लेखक : अनिश राय प्रकाशक : शिवोहम प्रकाशन शिवोहम प्रकाशन की इस कृति की एक भावपूर्ण साहित्यिक मीमांसा नदी केवल जल का प्रवाह नहीं…

पुस्तक समीक्षा – “शृङ्गार रस” : प्रेम, सौंदर्य और संवेदनाओं का काव्यात्मक उत्कर्ष

पुस्तक : शृङ्गार रस साझा काव्य संकलन सम्पादक : ऋषभ विश्वकर्मा प्रकाशक : शिवोहम प्रकाशन शिवोहम प्रकाशन की इस कृति की एक रसात्मक साहित्यिक मीमांसा भा रतीय काव्य परंपरा में…

शहीद रामफल मंडल पर केंद्रित विनोद आनंद की कविताएं

कवि परिचय :- विनोद आनंद ( विनोद कुमार मंडल ) शिक्षा :- एम ए (हिंदी )रांची विश्व विद्यालय, रांची पिछले चार दशक से पत्रकारिता, औऱ साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय,…

राजेश्वरी बाजपेई की तीन कविताएं

सर्दियों का ठहाका *************** हाय सर्दी की यह ठंड या प्रकृति का है सभी को दंड? हंसी-खुशी प्यार से सब इसे कहते “गुलाबी ठंड” थोड़ी रहम का बने यदि मापदंड…

संस्मरण : मिट्टी से दूर, आत्मा के पास

गांव की संस्कृति से दूर, शहर की भीड़ में खो जाने की पीड़ा – यह सिर्फ मेरी नहीं, लाखों युवाओं की व्यथा है। सोचता हूं – क्या किसी दिन ऐसा…

किताबों के जंगल में एक खिड़की

हिंदी की दुनिया— जहाँ एक बूढ़ा कवि हाथ जोड़े खड़ा है मुख्यमंत्री के सिंहासन पर बैठे फ़ासीवादी पुरोहित के आगे। तीस लाख का चेक, छत्तीसगढ़ की मिट्टी से रिसता रक्त,…

रेखाओं में जीवन, रंगों में समाज: सुभाष शर्मा की कला-यात्रा

सुभाष शर्मा के लिए कला केवल रंगों का खेल नहीं रही, बल्कि जीवन को समझने और महसूस करने का एक गहरा माध्यम बन गई। जिस सूक्ष्मता और संवेदनशीलता से वे…

प्रसिद्ध कथाकार मार्केंडेय की धर्मपत्नी विधावती को जानिये,जो मार्केंडेय के जीवन संगनी हीं नही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी

हिंदी के प्रख्यात कथाकार और “कथा” पत्रिका के संपादक जनवादी लेखक संघ के संस्थापकों में से एक मार्कण्डेय की पत्नी के बारे में। उनकी डॉक्टर बेटी स्वास्ति ठाकुर ने अपनी…

भारतीय शास्त्र और ज्ञान परंपरा के प्रसार में नारी के अवदान का सरस विवेचन !

पुस्तक समीक्षा ज्ञान शिरोमणि विद्योतमा ( खंड काव्य ) कवयित्री: रजनी सिंह प्रकाशक : रजनी प्रकाशन रजनी विला, डिबाई पिन 203393 जिला: बुलंदशहर उत्तर प्रदेश मोबाइल+919412653980 भारतीय शास्त्र और ज्ञान…