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देश ,समाज, प्रकृति, परिवेश और जन-जीवन की छटा का कविता में सहज चित्रण।

साहित्य संसार पुस्तक समीक्षा ग्रीष्मावकाश संपादक: राजीव कुमार झा प्रकाशक: शॉपिजन.इन अश्वमेघ एलिगेंस अंबावाडी में बाजार, अहमदाबाद गुजरात 380006 मोबाइल नंबर 9340526767 देश ,समाज, प्रकृति, परिवेश और जन-जीवन की छटा…

संघर्ष से मुकाम तक पहुंचने वाले गुरुचरण सिंह उर्फ शेरा सिंह आज समाज के लिए बन गए प्रेरक पुरुष…

यूँ तो गुरुचरण सिंह शेरा एक आम व्यवासायी हैं लेकिन ये एक खास व्यक्ति भी हैं।ईश्वर ने इनके अंदर जो हिम्मत और हौसला दिया,वह असाधारण है।और यही वजह है कि…

पुण्य तिथि पर विशेष : बहु आयामी व्यक्तित्व की धनी थीं डॉ अपर्णा, आज हीं के दिन 5 जुलाई 2007 को हुआ था उनका निधन!

धनबाद जिला के गोविंदपुर को जिन बड़ी हस्तियों ने राष्ट्रीय पहचान दिलायी, उनमें डॉ अपर्णा राय भी एक थीं. गोविंदपुर जैसी छोटी सी जगह से एक महिला तमाम प्रतिगामी शक्तियों…

लघुकथा-   अलविदा

लघुकथा– अलविदा राजीव कुमार झा गर्मी के मौसम में शहर के इस हरे भरे बाग में दोपहर को जब पेड़ों की झुरमुट से मीठी हवा बहने लगती है तो यहां…

सर्यदेव सिंह : कोयला मज़दूरों के हक के लिए किया जीवन भर संघर्ष, आज करते हैं लोगों के दिलों पर राज

पुण्य तिथि पर विशेष : मज़दूरों के मसीहा क़ो नमन ! 1970 के दशक में झरिया के विधायक रहते हुए सूर्यदेव सिंह ने झरिया के कोयला मजदूरों की सेवा के…

युद्ध की विभीषिका

यु द्ध कभी भी सुखद नही होता। युक्रेन और रूस के युद्ध ने जिस विनाश की बुनियाद रखी है शायद उस से ऊबरने में दशकों लग जाये।और जिसने अपनो को…

बाल अधिकारों के सरंक्षण के लिए संदेश देती पुस्तक ‘पोशम्पा’

पुस्तक समीक्षा पुस्तक सम्पादन:-अजय जैन ‘विकल्प’ समीक्षक -डॉ. पूजा अलापुरिया ‘हेमाक्ष’, मुंबई:- (महाराष्ट्र) आज व्यस्त जीवन और असीमित भौतिक संसाधनों के बीच लोग इतने उलझ गए कि बालमन के प्रति…

पुस्तक समीक्षा: जीवन के वर्तमान सवालों को लेकर समाज के साथ संवाद रचती कहानियां!

पुस्तक समीक्षा समीक्षक:- राजीव कुमार झा पुस्तक :- चौखट की ओट से (कहानी संग्रह) लेखिका : सुरंजना पांडेय प्रकाशक:- तनीषा प्रकाशन,बिंदुखत्ता, लालकुआं नैनीताल, उत्तराखंड सुरंजना पांडेय की कहानियों में मौजूदा…

प्रसिद्ध कथाकार मार्केंडेय की धर्मपत्नी विधावती को जानिये,जो मार्केंडेय के जीवन संगनी हीं नही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी

हिंदी के प्रख्यात कथाकार और “कथा” पत्रिका के संपादक जनवादी लेखक संघ के संस्थापकों में से एक मार्कण्डेय की पत्नी के बारे में। उनकी डॉक्टर बेटी स्वास्ति ठाकुर ने अपनी…

मेरे प्रारब्ध में लिखा था सुविख्यात साहित्यकार ज्ञान रंजन जी की पत्नी होना:सुनयना नागर

सो शल मीडिया के कारण आज न सिर्फ हर वर्ग और हर क्षेत्र के लिए एक सुलभ प्लेटफर्म उपलब्ध हुआ है बल्कि एक वैचारिक क्रांति और सम्भावना पूर्ण खोजपरक कार्य…