स्मृतियों में अमिताभ दा:”सृजन के सिपाही: अमिताभ दा की स्मृति और गोविन्दपुर की सांस्कृतिक यात्रा”
(विनोद आनंद) अ मिताभ दा, जिनका आज दिवंगत हो जाना न केवल मुझे बल्कि समस्त गोविन्दपुर को खलता है, आज होते तो 70 वर्ष के होते। उनकी अनुपस्थिति, मात्र एक…
फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ पर धानुक समाज को क्यों गर्व होना चाहिए…?
प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु (फनिन्द्र नाथ मंडल) केवल एक साहित्यकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय के एक सजग प्रहरी थे. उनका जन्म एक ऐसे दौर में हुआ था, जब…
फणीश्वर नाथ रेणु के साहित्य में जातीय समीकरण और लैंगिक भेद का यथार्थ
रेणु की रचनाओं में गाँव की पंचायत भी एक प्रतीक है। ‘मेरीगंज’ के विभिन्न जातियों के पंच एक आसन पर बैठते हैं, यह प्रतीकात्मक रूप से सामाजिक एकता का आभास…
साहित्य में अभिव्यक्ति के संदर्भ: भारत में फैज के नज़्म हम देखेंगे को किया जा रहा गलत सन्दर्भ में उपयोग
चिंतन पाकिस्तान का इतिहास अजीब दुविधा से घिरा रहा और विद्वानों के अनुसार भारतीय भूभाग के इस्लामीकरण से यह देश अस्तित्व में आया और स्थापना के बाद अमरीका की मदद…
ब्रिट्रेन की चर्चित युवा कवि हॉली मैक्निश की कविताएं embarrased जो कविता यूट्यूब पर हुई।काफी लोकप्रिय
39 वर्षीय इस कवि के चार कविता संग्रह निकल चुके हैं।उनके यूट्यूब के 40 लाख लोग फ़ॉलोवेर्स हैं।वह बेबी मिल्क एक्शन आंदोलन की नेत्री है जिसका काम विश्व में स्तनपानको…
कुमारेन्द्र पारसनाथ सिंह – अन्धेरे समय में उजली उम्मीदों का कवि
लेखक परिचय – नाम – उमाशंकर सिंह परमार काम- पढना , लिखना ,समाज सेवा , किसान आन्दोलन से जुडाव , जनवादी लेखक संघ उत्तर प्रदेश का राज्य उप सचिव विधा–…
साहित्य का समकाल – पूँजी , बाज़ार . और विभ्रम
लेखक परिचय नाम – उमाशंकर सिंह परमार काम- पढना , लिखना ,समाज सेवा , किसान आन्दोलन से जुडाव , जनवादी लेखक संघ उत्तर प्रदेश का राज्य उप सचिव विधा– आलोचना…