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संस्मरण : मेरी यादों में-दुर्गापूजा

डॉ उर्मिला सिन्हा ब रसात में निरन्तर पानी का बरसना । घर के आस-पास, ताल-तलैया,नाहर-पोखर यहां तक कि फुलवारी के अगल-बगल भी पानी ही पानी। बीच में पगडंडी रास्ता सूझता…

संस्मरण : सूखे पेड़ की छांव : मेरे अकेलेपन की यात्रा

साहित्यकार राजीव कुमार झा का बचपन संघर्षों से गुजरा, उनका पिता धनबाद में प्रशासनिक अधिकारी थे, उन दिनों वे सिंदरी में रहकर अपनी शुरुआती पढ़ाई की, पिता के निधन के…