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कविता :-मिट्टी का घरौंदा

दीपावली पर विशेष मिट्टी का घरौंदा कवयित्री :- नुसरत प्रवीण बहुत याद आता है , वह मिट्टी का घरौंदा , वह बचपन की दिवाली , पटाखे ,फुलझड़ियां व वेली का…

कविता: मां दुर्गा के दर पर बचपन की यादें॔ ॔॔

बहुत याद आता है, 80 के दशक का वो गांव।। वह मासूमियत भरा बचपन, दुर्गा मां के प्रांगण व पीपल का छांव ।। विद्यालय के सखियों के साथ घूमने, खेलने…

मछलियों!  तुम्हें जीना सीखना होगा

बलवान सिंह कुंडू ‘सावी’ मछलियों तुम हर जगह मारी जाओगी तालाब, झील, पोखर, अब्धि में बहते निर्जर, नदी में असीमित विस्तृत खाड़ी, वारिधि में जहाँ तुम इकट्ठी होंगी फेंका जाएगा…

॓ ॓ मेरे हमसफर ॔ ॔

कविता ॓ ॓ मेरे हमसफर ॔ ॔ – नुसरत प्रवीण मेरे जीने का, अंदाज़ हो तुम, बेपनाह मोहब्बत की आगाज़ हो तुम।। जो बीत गई सो, बात गई, मेरे जीवन…

डॉ. शिवनन्दन सिन्हा की तीन कविताएं 

डॉ. शिवनन्दन सिन्हा की तीन कविताएं परिचय आर० एस० मोर कॉलेज में लेक्चरर हिन्दी के रूप में नौकरी प्रारम्भ कर विनोवा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग ( झारखंड ) से विभागाध्यक्ष, हिन्दी…

कोयलांचल की पहचान,बिनोद बिहारी महतों विश्वविद्यालय है हमारी शान

कविता शिक्षा की ज्योति संस्कृति का संग कोयलांचल की धरती पर फैला इसका रंग धनबाद की कोयला नगरी में चमकता एक सितारा विनोद बिहारी महतो नाम है जिसका प्यारा जहाँ…

युवा कवि गोलेन्द्र पटेल की छह कविताएँ :

एक मेरा दुःख मेरा दीपक है जब मैं अपनी माँ के गर्भ में था वह ढोती रही ईंट जब मेरा जन्म हुआ वह ढोती रही ईंट जब मैं दुधमुंहाँ शिशु…

युद्ध की विभीषिका

यु द्ध कभी भी सुखद नही होता। युक्रेन और रूस के युद्ध ने जिस विनाश की बुनियाद रखी है शायद उस से ऊबरने में दशकों लग जाये।और जिसने अपनो को…

कविता – विनोद आनंद की कविताएं

विनोद आनंद की कविताएं 1 रघु की पीड़ा शोषण और भूख से त्रस्त रघु झेलता है त्रासदी जिंदगी जीने के लिए करता है कठोर परिश्रम मुह चिढ़ाता है अच्छे दिनों…

राजीव कुमार झा की कविताएं

संक्षिप्त कवि परिचय राजीव कुमार झा जन्मदिन : 8 जुलाई 1971 शिक्षा: एम . ए . ( जनसंचार और हिंदी) कविता के अलावा पुस्तक समीक्षा साक्षात्कार प्रस्तुति से लगाव !…