बुद्ध-कबीर की वैचारिक विरासत: इंजीनियर भोगेन्द्र मंडल का जीवन-दर्शन
इंजीनियर भोगेन्द्र मंडल जी का जन्म मधुबनी जिले के हरलाखी गांव में एक साधारण व्यवसायी-कृषक परिवार में हुआ। पिता स्वर्गीय सुखदेव मंडल की छत्रछाया में पले-बढ़े। लेकिन यह परिवार साधारण…
लोक नाट्य से शोध की गहराई तक: डॉ. चन्द्रसखी का सांस्कृतिक अवदान
डॉ. बीरेन्द्र कुमार ‘चन्द्रसखी’ मैनपुरी की माटी और धानुक समाज के गौरव हैं। किसान परिवार से पी-एच.डी. तक का उनका संघर्ष प्रेरणादायी है। उन्होंने काव्य और शोध के माध्यम से…
नहीं रही रमणिका गुप्ता, वे साहित्य, संघर्ष और संवेदना की अनन्य साधिका थी, धनबाद से था उनका गहरा नाता
हिंदी साहित्य और जन आंदोलनों की प्रखर आवाज रमणिका गुप्ता का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया, दिल्ली के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली.इसके साथ हीं…
प्रतीक्षा गाँगुली नाथ साहित्य लेखन और एक विराट सृजनात्मक आंदोलन का जीवंत प्रतीक
प्रतीक्षा गाँगुली नाथ ने ‘शब्द-साधना’ को एक जीवंत आंदोलन का रूप दिया है। उनकी रचनाओं में जीवन के विविध रंग, सामाजिक विसंगतियाँ और मानवीय संवेदनाओं का गहरा पुट मिलता है।…
डॉ. अपर्णा राय: शिक्षा, सेवा और सृजन क्षेत्र के लिए एक समर्पित व्यक्तित्व, जिनकी यादें रहेगी हमेशा जिंदा
स माज के आकाश में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जो अपने अस्तित्व से न केवल अपनी राह रोशन करते हैं, बल्कि दूसरों के जीवन को भी आलोकित कर जाते…
कर्मवीर शहीद आईपीएस रणधीर प्रसाद वर्मा जिसके साहस और वीरता ने आज भी पुलिस अफसर को करता है प्रेरित
रणधीर वर्मा ने पुलिस सेवा की नौकरी 1974 में अपनाई तो वे इस बात से अवगत थे कि वह एक ऐसे पेश में गए हैं, जिसकी कर्तव्यनिष्ठा, कार्यकुशलता और ईमानदारी…
संघर्ष से मुकाम तक पहुंचने वाले गुरुचरण सिंह उर्फ शेरा सिंह आज समाज के लिए बन गए प्रेरक पुरुष…
यूँ तो गुरुचरण सिंह शेरा एक आम व्यवासायी हैं लेकिन ये एक खास व्यक्ति भी हैं।ईश्वर ने इनके अंदर जो हिम्मत और हौसला दिया,वह असाधारण है।और यही वजह है कि…
पुण्य तिथि पर विशेष : बहु आयामी व्यक्तित्व की धनी थीं डॉ अपर्णा, आज हीं के दिन 5 जुलाई 2007 को हुआ था उनका निधन!
धनबाद जिला के गोविंदपुर को जिन बड़ी हस्तियों ने राष्ट्रीय पहचान दिलायी, उनमें डॉ अपर्णा राय भी एक थीं. गोविंदपुर जैसी छोटी सी जगह से एक महिला तमाम प्रतिगामी शक्तियों…
प्रसिद्ध कथाकार मार्केंडेय की धर्मपत्नी विधावती को जानिये,जो मार्केंडेय के जीवन संगनी हीं नही उसकी सबसे बड़ी ताकत थी
हिंदी के प्रख्यात कथाकार और “कथा” पत्रिका के संपादक जनवादी लेखक संघ के संस्थापकों में से एक मार्कण्डेय की पत्नी के बारे में। उनकी डॉक्टर बेटी स्वास्ति ठाकुर ने अपनी…
मेरे प्रारब्ध में लिखा था सुविख्यात साहित्यकार ज्ञान रंजन जी की पत्नी होना:सुनयना नागर
सो शल मीडिया के कारण आज न सिर्फ हर वर्ग और हर क्षेत्र के लिए एक सुलभ प्लेटफर्म उपलब्ध हुआ है बल्कि एक वैचारिक क्रांति और सम्भावना पूर्ण खोजपरक कार्य…