अंतर्मन से अनंत तक: भक्ति और आध्यात्मिक चेतना की एक अनूठी यात्रा
पुस्तक : “चालीसा संग्रह : अंतर्मन से अनंत तक” लेखिका : शिवलाल दाँगी प्रकाशक : शिवोहम प्रकाशन, कोलकाता / हैदराबाद ईमेल : shivohamphouse@outlook.com अन्य पुस्तकें–1 काव्य संग्रह ‘समर्पण’ 2 चालीसा…
संस्मरण : इंसानियत आज भी ज़िंदा है
यदि भारत की संस्कृति को समझना हो, तो ट्रेन में सफर करके देखिए। वहाँ विभिन्न प्रकार के लोगों से मुलाकात होती है। सबके विचार अलग-अलग होते हैं। कभी विचार मिल…
बुद्ध-कबीर की वैचारिक विरासत: इंजीनियर भोगेन्द्र मंडल का जीवन-दर्शन
इंजीनियर भोगेन्द्र मंडल जी का जन्म मधुबनी जिले के हरलाखी गांव में एक साधारण व्यवसायी-कृषक परिवार में हुआ। पिता स्वर्गीय सुखदेव मंडल की छत्रछाया में पले-बढ़े। लेकिन यह परिवार साधारण…
कविता : बिटिया
बिटिया “बधाई हो बधाई” दूर से आवाज आई। स्नेहिल आवाज, चेहरे पर खुशी लिए विमला ताई आई। माँ ने नज़रें झुका लीं, पिता के चेहरे पर थोड़ी फीकी मुस्कान आई।…
बदलते परिवेश में संबंध, अपेक्षाएँ और स्त्री की भूमिका
“परिवर्तन ही जीवन का शाश्वत नियम है; जो केवल अतीत या वर्तमान में उलझे रहते हैं, वे निश्चित ही अपने भविष्य को खो देते हैं।” बदलते परिवेश में संबंध, अपेक्षाएँ…