• Fri. Jun 12th, 2026
साहित्य, संस्कृति, कला

मेरे पिता की हमसाया ~ मेरी माँ”

अगर आपने माधुरी पत्रिका बचपन में पढ़ी हो तो आप उसके संपादक अरविंद कुमार को जानते होंगे और अगर आपने हिंदी थिसारस देखा हो तो उनका नाम कैसे भूल सकते…

हस्का का फैसला

(अफ़ग़ान कहानी)राना जुरमतेपश्तो से अंग्रेजी अनुवाद : शकीबा हबीबहिंदी अनुवाद : श्रीविलास सिंह सुबह का सूरज उदय होने को था। हस्का तंदूर के पास एक बर्तन में गुंथा हुआ आटा…